गोल्ड ने रचा इतिहास, सऊदी अरब में रिलीज हुई पहली बॉलीवुड फिल्म बनी

अक्षय कुमार की स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म गोल्ड भारतीय बाजार में शानदार बिजनेस कर रही है. मूवी 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है. अभी भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर रफ्तार बनाए हुए है. अक्षय की फिल्म को क्रिटिक्स ने खूब पसंद किया. अब गोल्ड के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है. अक्षय की फिल्म सऊदी अरब में रिलीज होने वाली पहली बॉलीवुड मूवी बन गई है.
गोल्ड को सऊदी अरब में 30 अगस्त को रिलीज किया गया. इसकी जानकारी खिलाड़ी कुमार ने ट्वीट कर दी. उन्होंने लिखा- ''भारत के पहले गोल्ड मेडल जीतने की कहानी को पहली बार सऊदी अरब में दिखाया जाएगा. मुझे ये शेयर करते हुए खुशी है कि गोल्ड किंगडम ऑफ सऊदी अरब में रिलीज होने वाली पहली बॉलीवुड मूवी है. जो कि सिनेमाघरों में आज से दिखाई जाएगी.''
गोल्ड से पहले सऊदी अरब में रजनीकांत स्टारर मूवी काला रिलीज हुई थी. काला सऊदी अरब में रिलीज होने वाली पहली भारतीय फिल्म है. काला को भारत में तमिल, तेलुगू, हिंदी में रिलीज किया गया था. जिस दौरान काला रिलीज हुई थी, उसी दौरान सऊदी अरब में सिनेमाघरों पर लगा बैन हटा था. वहीं हॉलीवुड फिल्म ब्लैक पैंथर सऊदी अरब में बैन हटने के बाद रिलीज हुई पहली फिल्म थी.
सऊदी अरब में सिनेमा पर 35 सालों से लगा था बैन
बता दें, सऊदी अरब में सिनेमा पर पिछले 35 सालों से बैन लगा था. 18 अप्रैल 2018 को बैन हटा दिया गया था. कट्टरपंथियों के दबाव के चलते थियेटर्स पर बैन लगा दिया गया था. ये 1980 का दशक था. कट्टरपंथियों का मानना था कि सिनेमाई दुनिया उनके सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को नुकसान पहुंचा सकती है. बैन हटने के बाद वहां सबसे पहले हॉलीवुड फिल्म ब्लैक पैंथर रिलीज हुई.
बता दें, अक्षय कुमार की गोल्ड 100 करोड़ क्लब में शामिल होने वाली 2018 की आठवीं फिल्म है. गोल्ड के साथ अक्षय ने एक और रिकॉर्ड बना लिया. ये उनके करियर की नौवीं फिल्म है जो बॉक्स ऑफिस के 100 करोड़ क्लब में शामिल हुई है. भारतीय बाजार में गोल्ड को 100 करोड़ कमाने में 13 दिन लगे. मूवी 15 अगस्त के दिन रिलीज हुई थी. इसे करीब 3500 स्क्रीन्स पर रिलीज किया गया था.
गोल्ड का निर्देशन रीमा कागती ने किया है. ये फिल्म आजादी के बाद 1948 में लंदन ओलिंपिक में भारत के पहले हॉकी ओलिंपिक गोल्ड जीतने पर आधारित है. फिल्म में अक्षय कुमार ने भारतीय टीम के मैनेजर तपन दास का किरदार निभाया है. गोल्ड के जरिए टीवी एक्ट्रेस मौनी रॉय ने बड़े पर्दे पर डेब्यू किया.
साल 2011 में जब फिल्म यमला पगला दीवाना आई, तो उसने दर्शकों को धर्मेंद्र और उनके बेटों के साथ हंसी मजाक का नया फ्लेवर दिया. लेकिन 2013 में रिलीज हुआ दूसरा पार्ट बॉक्स ऑफिस पर धमाल नहीं मचा सका. पहले पार्ट को समीर कार्णिक ने और दूसरे को संगीत सिवान ने डायरेक्ट किया था. अब लगभग 5 साल के बाद इसी सीरीज की तीसरी फिल्म यमला पगला दीवाना फिर से रिलीज हुई है. क्या यह फिल्म दर्शकों को हंसाने में कामयाब होगी. आइए जानते हैं आखिरकार कैसी बनी है यह फिल्म.
फिल्म की कहानी पंजाब से शुरू होती है जहां वैद्य पूरन सिंह (सनी देओल) अपने भाई काला (बॉबी देओल) और दो बच्चों के साथ रहता है. पूरन सिंह का एक किराएदार भी है जिसका नाम जयवंत परमार (धर्मेंद्र) है. जो पेशे से वकील भी है. पूरन सिंह के पास वज्र कवच नामक आयुर्वेदिक दवा बनाने का फार्मूला है, जिसका काम कई पीढ़ियों से चलता आ रहा है. उस फार्मूले के पीछे मशहूर बिजनेसमैन माफतिया लग जाता है. कहानी में चीकू (कृति खरबंदा) की एंट्री होती है जो कि एक डेंटिस्ट है और सिलसिलेवार घटनाओं में उसकी मुलाकात पूरन सिंह और काला से होती है. कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब बिजनेसमैन माफिया अपनी तरफ से पूरण सिंह के ऊपर दवा का फॉर्मूला चोरी करने का केस करता है और कहानी पंजाब से गुजरात पहुंच जाती है. अंततः क्या होता है यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.
फिल्म की कमजोर कड़ी इसकी कहानी है जो काफी आउटडेटेड सी नज़र आती है और बांध पाने में असमर्थ दिखाई देती है. सनी देओल-बॉबी देओल और धर्मेंद्र जैसे बड़े-बड़े कलाकार की अदाकारी कहानी की वजह से फीकी पड़ जाती है. डायरेक्शन भी काफी हिला डुला है. कहानी सुनाने का ढंग भी काफी डगमगाया सा है. इसकी रफ्तार धीमी है जो दुरुस्त की जा सकती थी. इसके अलावा फिल्म के गाने रिलीज से पहले हिट नहीं हो पाए हैं. फिल्म में और मसाला भरा जा सकता था. लेकिन ऐसा नहीं हो पाया.
जानिए आखिर फिल्म को क्यों देख सकते हैं
धरम पाजी, सनी देओल और बॉबी देओल, तीनों अभिनेताओं ने बढ़िया काम किया है. इसके साथ ही अभिनेत्री कृति खरबंदा ने भी कहानी के मुताबिक ही अभिनय किया है. फिल्म की सबसे बढ़िया बात इसके आखिर में आने वाले गीत में दिखाई देती है जब सलमान खान, रेखा, सोनाक्षी सिन्हा एक साथ धर्मेंद्र के गाने रफ्ता-रफ्ता पर थिरकते हुए नजर आते हैं. लेकिन कहानी कमजोर होने की वजह से हर एक परफॉर्मेंस काफी निराशाजनक दिखाई देती है.
बॉक्स ऑफिस
फिल्म का बजट लगभग 40 करोड़ रुपए बताया जा रहा है. इसे लगभग 2000 से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज किया जा रहा है. इसी के साथ फिल्म स्त्री भी रिलीज हो रही है. अब देओल परिवार के फैंस ही इस फिल्म को आगे ले जा सकते हैं.

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