उन्नाव रेप केस: पीड़िता का परिवार जब आपबीती बताते हुए रो पड़ा
उन्नाव रेप केस की पीड़िता का परिवार लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज के बाहर धरने पर बैठा हुआ है.
इसी
अस्पताल में सड़क 'हादसे' के बाद पीड़िता का इलाज चल रहा है. रविवार को
रायबरेली जाते वक़्त पीड़िता की कार को एक ट्रक ने टक्कर मारी थी. इस हादसे में पीड़िता के दो रिश्तेदारों की मौत हुई थी. कार में सवार वकील और पीड़िता की हालत नाज़ुक बताई जा रही है. पीड़िता का परिवार लखनऊ में अस्पताल के बाहर धरने पर बैठा हुआ है.
हालांकि ये स्पष्ट तौर पर नहीं मालूम है कि धरने पर बैठी महिलाओं का पीड़िता के साथ क्या रिश्ता है
इन लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने मामले में सही कदम नहीं उठाए और जेल में बंद पीड़िता के चाचा को जल्द से जल्द रिहा किया जाए.
आगे पढ़िए धरने पर बैठा पीड़िता का परिवार क्या कुछ कह रहा है?
'हमारी मांग यही है कि जो झूठे-झूठे मुक़दमे निकालकर लगाए गए. उन मुकदमों से बाइज़्ज़त बरी किया जाए.
इन लोगों को सज़ा दिलाए जाने की ज़रूरत है. हम हमेशा पूछते क्या हुआ, क्या हुआ? जवाब मिलता- जांच हुई.... जांच.
बस तारीख़ दे देते. हमें सीबीआई जांच पर पूरा भरोसा है. हम संतुष्ट भी हैं.
हमारी बस यही मांग है कि पीड़िता के चाचा को निकाला जाए. बस हमारी सरकार से बस यही मांग है.
(इतना कहकर धरने पर बैठी महिला रोने लगीं और समाचार एजेंसी एएनआई का कैमरा दूसरी महिला की तरफ़ गया.)
'मेरे ऊपर और मेरे देवर के ऊपर सात-सात झूठे मुक़दमे लगाए गए. झूठे मुक़दमे लगाकर हमको गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है.
उनके जितने लोग जेल में हैं, उन सबको सज़ा दी जाए. हमारी बस यही मांग है.'
भारत की सबसे बड़ी कॉफ़ी चेन कैफ़े
कॉफ़ी डे जिसे सीसीडी के नाम से भी जाना जाता है, इस कंपनी के मालिक वी जी सिद्धार्थ के लापता होने की ख़बर है.
वी जी सिद्धार्थ कर्नाटक के
पूर्व मुख्यमंत्री एस एम कृष्णा के दामाद भी हैं. वे सोमवार रात से लापता बताए जा रहे हैं. अंदेशा लगाया जा रहा है कि उन्होंने आत्महत्या के मक़सद
से नदी में छलांग ली है. फिलहाल मैंगलोर पुलिस उनकी तलाश कर रही है. बताया जा रहा है कि वी जी सिद्धार्थ अपनी कार में बैठकर मैंगलोर के बाहरी इलाके तक गए और वहां नेत्रावती नदी के नज़दीक पहुंचने पर उन्होंने ड्राइवर से कार रोकने को कहा.
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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ''उन्होंने ड्राइवर से चले जाने के लिए कहा और बताया कि वो पैदल चलकर आएंगे.''
इसके काफ़ी देर बाद तक जब वी जी सिद्धार्थ लौटकर नहीं आए तो ड्राइवर ने इसकी सूचना बाक़ी लोगों को दी.
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि पिछले दो साल में लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते सीसीडी को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा था. कंपनी ने कई जगहों पर अपने छोटे आउटलेट बंद भी कर दिए थे.
इसके साथ ही ऐसी ख़बरें भी मीडिया में लगातार आ रही थीं कि वी जी सिद्धार्थ सीसीडी को कोका कोला कंपनी में बेचने पर विचार कर रहे हैं. हालांकि इस ख़बर की पुष्टि नहीं हो सकी है.
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